लम्हा लम्हा फिकर यही है वो लम्हे कब आएंगे
लम्हा लम्हा फिकर यही है वो लम्हे कब आएंगे-2
नाते नबी जब पढ़ते हुए जब शहर ए मदीना जायेंगे
लम्हा लम्हा फिकर यही है वो लम्हे कब आएंगे
एक दिन तैबा की गलियों में हम ऐसे खो जायेंगे -2
खुल्द बरी के रहने वाले ढूढ़ने हमको आएंगे
लम्हा लम्हा फिकर यही है वो लम्हे कब आएंगे-२
चाँद सितारे फूल काली सब, एक से एक हसीं है मगर-2
हुश्न ए मोहम्मद के जलवों की बात कहाँ से लाएंगे
लम्हा लम्हा फिकर यही है वो लम्हे कब आएंगे-2
इश्क़ ए नबी पर नाज़ है हमको ज़ाहिद तुझको सज़दों पर-2
इंशा अल्लाह तुझसे पहले जन्नत में हम जायेगे-2
लम्हा लम्हा फिकर यही है वो लम्हे कब आएंगे-2
आप बुलाएँगे जब दर पर आपकी चाहत के ये असीर-2
दुनिया की हर एक ख़ुशी को ठुकरा कर आ जायेंगे
लम्हा लम्हा फिकर यही है वो लम्हे कब आएंगे-2
नाते नबी जब पढ़ते हुए जब शहर ए मदीना जायेंगे
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