जिधर जिधर से भी गुजरे है मुस्तफा वाले -
जिधर जिधर से भी गुजरे है मुस्तफा वाले
ज़माना देखके बोले है अय खुदा वाले-2
दिलों में आज भी नामे हुसैन रोशन है
यज़ीद मर गया ज़िंदा हैं कर्बला वाले
जिधर जिधर से भी गुजरे है मुस्तफा वाले
लबों पे जिनके दुरूदो सलाम आएगा -
लबों पे जिनके दुरूदो सलाम आएगा -
उसी के वास्ते कौसर का जाम आएगा-
उसी के वास्ते कौसर का जाम आएगा-
बहोत सम्हाल के रखना नबी के दीवानों
यही वज़ीफ़ा क़यामत में काम आएगा- 2- लबों पे जिनके---
रज़ा ये रब के लिए दीन की बक़ा के लिए-2
चले हुसैन मदीने से कर्बला के लिए-2
ज़मीन तुझको उसी वक़्त खा गयी होती
हुसैन हाथ उठाते अगर दुआ के लिए-2 -रज़ा ये रब--
ग़ौस ख्वाजा के वफादार यहाँ आये हैं-2
आशिक़े अहमदे मुख़्तार यहाँ आये हैं-2
कैसे कोई मेरे आक़ा को कहेगा मुर्दा
मेरा दावा है की सरकार यहाँ आएं हैं -2-ग़ौस ख्वाजा के ---
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