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मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा ,---- 2
नसीब चमके हैं परशियों के ,------ 2
के अर्श पे चाँद रहे हैं ,----- 2
झलक से जिनकी फ़लक हैं रोशन ,----2  (झलक से जिनकी फ़लक हैं रोशन)
वो शम्स तशरीफ़ ला रहे हैं,---- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा ,---- 2

निशार तेरी चहल पहल पे ,------ 2
हज़ारों ईदे रबी उल अव्वल ,------ 2   (हज़ारों ईदे रबी उल अव्वल)
शिवाय इब्लीस के जहाँ में ,----- 2
सभी तो खुशियां मना रहे हैं,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा ,---- 2

शबे विलादत में सब मुसलमां,----- 2
क्यों करें जान माल क़ुर्बा,----- 2   ( क्यों करें जान माल क़ुर्बा)
अबू लहब जैसे सख्त क़ाफ़िर,----- 2
ख़ुशी में जब फैज़ पा रहे हैं,------ 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा ,---- 2

ज़माने भर में ये क़ायदा हैं ,----- 2
के जिस का खाना उसी का गाना,----- 2  (के जिस का खाना उसी का गाना)
वो नेमते जिनकी खा रहे हैं ,------ 2
उन्ही के हम गीत गा रहे हैं ,------ 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा ,---- 2
मैं तेरे सदके ज़मीने तैबा,----- 2
फ़िदा हो तुझपे क्यों ज़माना ,------ 2  (फ़िदा हो तुझपे क्यों ज़माना)
के जिनकी खातिर बने ज़माने ,----- 2
वो तुझ में आराम पा रहे हैं ,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा ,---- 2
जो क़ब्र में उनको अपनी पाऊ,----- 2
पकड़ के दामन मचल ही जाऊँ,---- 2 (पकड़ के दामन मचल ही जाऊँ)
जो दिल में रहके छुपे थे मुझसे ,---- 2
वो आज जलवा दिखा रहे हैं,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा,----- 2
मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा ,---- 2

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