मुझे भी मदीने बुला मेरे मौला
करम की तजल्ली दिखा मेरे मौला
बहुत बेकरारी के आलम में हूँ मैं
मेरी बेकरारी मिटा मेरे मौला
मुझे भी मदीने बुला मेरे मौला
करम की तजल्ली दिखा मेरे मौला
यकीं है मदीना करम ही करम है
तू रखता जहाँ में सभी का भरम है
तुझे वास्ता तेरे प्यारे नबी का
मेरी बिगड़ी अब तो बना मेरे मौला - बहुत
मुझे भी मदीने बुला मेरे मौला
करम की तजल्ली दिखा मेरे मौला
जिसे तूने चाहा मैं उस पे फ़िदा हूँ
मैं तेरे मोहम्मद के दर का गदा हूँ
तुझे वास्ता सैयदे कर्बला का
मुझे हर बला से बचा मेरे मौला
मुझे भी मदीने बुला मेरे मौला
करम की तजल्ली दिखा मेरे मौला- बहुत
मोहम्मद को तूने जो क़ुरान दिया है
करोड़ों दिलों में मुक्कमल छुपा है
अये क़ुरान के मालिक गुज़ारिश है तुझसे
मेरे दिल में क़ुरान बसा मेरे मौला
मुझे भी मदीने बुला मेरे मौला
करम की तजल्ली दिखा मेरे मौला
निगाहों से पिन्हा क्यों मंज़िल मेरी है
क्यों मजधार में नाव मेरी फँसी है
खताओं का मारा भी पा लेगा साहिल
गर आबिद के दिल में समा मेरे मौला
मुझे भी मदीने बुला मेरे मौला
करम की तजल्ली दिखा मेरे मौला
बहुत बेकरारी के आलम में हूँ मैं
मेरी बेकरारी मिटा मेरे मौला
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